बीजिंग: चीन के जाने-माने अर्थशास्त्री गाओ शानवेन का 55 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। गाओ शानवेन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने चीन के आधिकारिक GDP आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद आर्थिक जगत और सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है।
GDP के आधिकारिक आंकड़ों पर उठाए थे सवाल
गाओ शानवेन ने वर्ष 2024 में अमेरिका के वॉशिंगटन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि चीन की वास्तविक आर्थिक वृद्धि सरकारी दावों से काफी कम हो सकती है। उनका अनुमान था कि उस अवधि में चीन की वास्तविक GDP वृद्धि करीब 2 प्रतिशत रही, जबकि सरकार लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि का दावा कर रही थी। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन के आर्थिक आंकड़ों की पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी थी।
बयान के बाद जांच और कार्रवाई
GDP पर टिप्पणी के बाद चीनी अधिकारियों ने गाओ शानवेन के खिलाफ जांच शुरू की थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनके बयान को सरकार की आधिकारिक आर्थिक नीति के विपरीत माना गया। इसके बाद उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा और उन्होंने बाद में अपनी आर्थिक शोध संस्था का पद भी छोड़ दिया।
तीन दशक तक अर्थव्यवस्था पर किया काम
गाओ शानवेन चीन के सबसे प्रभावशाली मैक्रो-इकोनॉमिस्ट्स में गिने जाते थे। उन्होंने अपने करियर के दौरान संपत्ति बाजार, क्रेडिट साइकिल, आर्थिक विकास और पूंजी बाजार पर कई चर्चित अध्ययन किए। उनकी विश्लेषणात्मक रिपोर्टों को निवेशकों और आर्थिक विशेषज्ञों के बीच काफी महत्व दिया जाता था।
सोशल मीडिया पर उमड़ी श्रद्धांजलियां
गाओ शानवेन के निधन के बाद चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। कई लोगों ने उन्हें ऐसा अर्थशास्त्री बताया, जिसने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी बेबाक राय रखने का साहस दिखाया। हालांकि, उनके विचारों को लेकर पहले भी चीन में तीखी बहस होती रही थी।
आर्थिक बहसों में हमेशा याद किए जाएंगे
गाओ शानवेन का निधन ऐसे समय हुआ है, जब चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर वैश्विक स्तर पर लगातार चर्चा हो रही है। आधिकारिक आर्थिक आंकड़ों पर सवाल उठाने वाले चुनिंदा विशेषज्ञों में शामिल गाओ शानवेन अपने स्वतंत्र विचारों और बेबाक विश्लेषण के लिए लंबे समय तक याद किए जाएंगे।